MS Dhoni reached Uttarakhand with family, als
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New Year 2025 Celebration Neem Karoli Baba
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित नीम करौली बाबा का प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर दुनियाभर में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाबा के करोड़ों भक्तों में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग, हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली जैसे कई जाने-माने लोग शामिल हैं। नैनीताल में बाबा के चार मुख्य मंदिर हैं—कैंची धाम, काकड़ीघाट मंदिर, हनुमानगढ़ी मंदिर और भूमियाधार मंदिर। नए साल पर इन मंदिरों के दर्शन करके भक्त अपनी यात्रा को विशेष बना सकते हैं।
कैंची धाम का महत्व
कैंची धाम ट्रस्ट के प्रबंधक प्रदीप शाह (भय्यू दा) बताते हैं कि स्थानीय लोग नीम करौली महाराज को हनुमान जी का अवतार मानते हैं। बाबा ने नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में कई हनुमान मंदिर और आश्रम बनवाए, जहां भक्त उनका आशीर्वाद लेने आते हैं। नए साल पर इन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
हनुमानगढ़ी मंदिर
हनुमानगढ़ी मंदिर नीम करौली बाबा द्वारा 1950 में स्थापित किया गया था। यहां बाबा ने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर पहले एक कुटिया और फिर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की। 1953 में बड़ी हनुमान प्रतिमा की स्थापना हुई, और बाद में राम मंदिर और शिव मंदिर का निर्माण भी करवाया गया। यह मंदिर नैनीताल से करीब 2 किलोमीटर दूर है और नए साल के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं का विशेष आगमन होता है।
भूमियाधार आश्रम
नैनीताल से 12 किमी दूर भवाली-ज्योलिकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूमियाधार आश्रम स्थित है। बाबा नीम करौली महाराज अक्सर यहां आते और अपनी चमत्कारी लीलाओं से लोगों को मंत्रमुग्ध करते। स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन का एक हिस्सा आश्रम के लिए दान किया, जिसके बाद यहां एक भव्य आश्रम और हनुमान मंदिर का निर्माण हुआ। नए साल के दौरान यह आश्रम भी भक्तों से भरा रहता है।
आप भी नैनीताल आकर इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकते हैं और अपने जीवन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर सकते हैं।
काकड़ीघाट आश्रम
भवाली से अल्मोड़ा की ओर लगभग 30 किमी की दूरी पर स्थित काकड़ीघाट आश्रम, अपनी आध्यात्मिक शांति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह आश्रम महान संत सोमवारी महाराज की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। यहां उनकी धूनी और बाबा द्वारा स्थापित प्राचीन शिवलिंग विद्यमान हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
नीम करौली बाबा को सोमवारी महाराज पर गहरी आस्था थी, और दोनों संतों के बीच आध्यात्मिक संबंध की झलक इस स्थान पर महसूस की जा सकती है। क्रिकेटर विराट कोहली ने भी इस पवित्र स्थल पर आकर नीम करौली बाबा के दर्शन किए हैं।
काकड़ीघाट आश्रम न केवल संतों की तपोस्थली है, बल्कि यहां बहने वाली नदी के किनारे का शांत वातावरण आत्मिक शांति का अनुभव कराता है। नए साल पर इस पवित्र स्थान पर आकर बाबा का आशीर्वाद लेने के साथ-साथ प्रकृति की अनुपम सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है।
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